August 6, 2021

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इंटरनेट और टीवी से बिगड़ रही है आपके बच्‍चों की भाषा, इस तरह उन्‍हें सुधारें

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How To Stop Kids From Using Disrespectful Language: कोरोना काल के दौरान अगर सबसे ज्‍यादा किसी का जीवन प्रभावित हुआ है तो वो हैं बच्‍चे (Kids). जिस उम्र में उन्‍हें दोस्‍तों के साथ खेल कूद और पढ़ाई करनी थी, वे घर के अंदर बंद हैं और तमाम तरह की रोकटोक झेल रहे हैं. ऐसे में टीवी और इंटरनेट की दुनिया ही उनकी दुनिया बन गई है. इस डिजिटल दुनिया में अगर कुछ अच्‍छी चीजें वे सीख रहे हैं तो कुछ बातें हैं जो उनके बिहेव को बदल रही हैं और वो है उनकी भाषा. दरअसल इंटरनेट पर सर्च के दौरान कुछ ऐसे कंटेंट भी बच्‍चे देख रहे हैं जो उनकी उम्र के हिसाब से बहुत मेच्‍योर है जहां सही भाषा (Disrespectful Language) का प्रयोग नहीं किया जाता. ऐसे में हो सकता है कि बच्‍चें इन बुरी भाषाओं को सीख लें और इनका प्रयोग करने लगें. ऐसे में पेरेंट्स की ये जिम्‍मेदारी बनती है कि वे इन बदलते बिहेव पर नजर रखें और उन्‍हें सही समय पर टोकें. तो आइए अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा हुआ है तो हम आपको बताते हैं कि किस प्रकार आप अपने बच्‍चे को डिसिप्‍लीन में रखें और उन्‍हें सही भाषा का प्रयोग सिखाएं.

1.सही समय पर टोकना जरूरी

अगर आप ये सोच रहे हैं कि अरे कोई बात नहीं वे खुद सीख जाएंगे, तो दरअसल आप गलत सोच रहे हैं. अगर सही समय पर पेरेंट्स ने दखल नहीं दिया तो बच्‍चों की खराब आदतों को सुधारना मुश्किल हो सकता है और ऐसा भी हो सकता है कि वो शब्‍द बच्‍चे की वोकेबलरी में हमेशा के लिए शामिल हो जाए. तो सही समय पर बच्‍चों को सिखाना बहुत ही जरूरी है.

2.प्‍यार से सिखाएं

बच्‍चों को जब भी कुछ सिखाएं तो प्‍यार से सिखाएं. इससे वे आपको आदर्श के रूप में देखेंगे और दूसरों का सम्‍मान करना सीखेंगे. आपको बता दें कि बच्‍चों में बड़ों की तरह ही इगो होता है और अगर आपने मारपीट कर सिखाने की कोशिश की तो हो सकता है वे और भी ना सीखें. ऐसे में जब आप उनसे प्‍यार भरी भाषा में बात करेंगे तो वे आपसे भी अच्‍छी भाषा का महत्‍व सीखेंगे.

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3.पैरेंट बनें दोस्‍त नहीं

जब बात बच्‍चों की बुरी आदतों को बदलने की आती है तो यह जरूरी होता है कि आप पेरेंट की तरह ही बिहेव करें. अगर आपके साथ या आपके सामने वे कड़वी भाषा का प्रयोग करते हैं तो उसे तुरंत रोकें और मना करें. बच्‍चों को अपने से बड़ों की इज्‍जत करना और तमीज से बात करना आदि सिखाना भी आपकी जिम्‍मेदारी है. लेकिन हमेशा याद रखें कि बच्‍चों से अगर आप बत्‍तमीजी से बात करेंगे तो वे आपसे भी ये सीख सकते हैं.

4.पॉजिटिव कम्‍यूनिकेशन जरूरी

बच्‍चों के लिए पहला रोल मॉडल अपना पेरेंट होता है ऐसे में खुद में भी बदलाव लाएं और पॉजिटिविटी लाएं. हमेशा लोगों की इज्‍जत करना, प्‍यार से बात करना, बात करना सिखाना, जिम्‍मेदारी निभाना, काम करना आदि वे आपसे ही सीखेंगे.

5.हर बात पर दोष न दें

अगर बच्‍चा गलत भाषा सीख गया है तो बच्‍चे को दोष न दें. उन्‍हें यह एहसास दिलाएं कि इस भाषा के प्रयोग से या इस बिहेव से आप कितने दुखी है. ऐसा करने से बच्‍चे भावनात्‍मक रूप से बदलेंगे और सही दिशा को खुद ही चुन लेंगे.

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6.घुमाकर बात न करें

बच्‍चे से सीधी बात करें और टू द प्‍वाइंट समझाएं. अगर आप घुमा घुमाकर उन्‍हें बताएंगे तो उन्‍हें समझ नहीं आएगा. ऐसे में आसान शब्‍दों में उन्‍हें समझाएं. बच्‍चे के स्‍क्रीन टाइम को लिमिट रखें और कंटेन्‍ट पर नजर रखें.

7.भरोसा दिखाएं

बच्‍चों को यह जानना जरूरी है कि माता पिता उस पर भरोसा करते हैं लेकिन यह भी जानना जरूरी है कि अगर कुछ गलत बताया या गलत किया तो आपको सही का पता चल ही जाएगा. ऐसे में बच्‍चा गलत काम नहीं करेगा और आपके सामने झूठ भी कम बोलेगा. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



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