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ओलिंपिक मेडलिस्‍ट सुशील कुमार से अब छिनेगा पद्म अवॉर्ड! जानें क्‍या कहते हैं नियम

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सुशील कुमार को दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था

सुशील कुमार को दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था

खून-पसीना एक करके बुलंदियों पर पहुंचने वाले पहलवान सुशील कुमार को 2011 में पद्म अवॉर्ड से सम्‍मानित किया गया था, मगर अब किसी और का खून बहाने में हाथ होने के कारण उन्‍हें यह सम्‍मान गंवाना पड़ सकता है

नई दिल्‍ली. दो बार ओलिंपिक में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले पहलवान सुशील कुमार (Sushil Kumar) सलाखों से पीछे पहुंच गए हैं. मैदान पर अपना खून पसीना बहाकर बुलंदियों पर पहुंचने वाले सुशील ने बीजिंग और लंदन ओलिंपिक में देश के हर खेल प्रेमी का सिर गर्व से ऊपर कर दिया था. उनकी इस मेहनत को हर किसी ने सम्‍मान भी दिया. उनका खून पसीना पद्म अवॉर्ड के रूप में उन्‍हें मिला. मगर अब उन्‍होंने उसी सम्‍मान को किसी और का खून बहाकर लगभग गंवा दिया है. सुशील कुमार 23 साल के पहलवान सागर धनखड़ की हत्‍या के आरोप में सलाखों के पीछे हैं. उन्‍हें 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा दिया गया. सुशील की इस हरकत से पूरे देश को झटका लगा है और अब उन्‍हें कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की जा रही है. इस बीच यह भी मांग की जा रही है कि उनसे सभी सम्‍मान वापस ले लिए जाए. जिसमें पद्म अवॉर्ड भी वापस लेने की मांग की जा रही है. ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्‍या उनसे यह बड़ा सम्‍मान वापस ले लिया जाएगा. किसी भी तरह की जल्‍दबाजी में नहीं सरकार टाइम्‍स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार सरकार इस मामले में किसी भी तरह की जल्‍दबाजी में नहीं हैं. हालांकि इस अवॉर्ड को कैंसिल करने का कोई स्‍पष्‍ट नियम नहीं है. पद्म अवॉर्ड स्‍कीम के अनुसार राष्‍ट्रपति किसी भी व्‍यक्ति के अलंकरण को रद्द कर सकते हैं और उनके बाद उसका नाम रजिस्‍टर से हटाया जा सकता है. इसके बाद उसे अलंकरण और सनद सरेंडर करना होगा. स्‍कीम के अनुसार राष्‍ट्रपति अलंकरण और सनद को बहाल करने, रद्द करने और रद्द करने के आदेश को वापस लेने के लिए सक्षम हैं.यह भी पढ़ें :  Sagar Murder Case: सुशील को दिल्‍ली की तीन लोकेशन पर लेकर पहुंची क्राइम ब्रांच, बार-बार बयान बदलना बना चुनौती Sagar Murder Case: पूछताछ के दौरान कई बार फूट-फूटकर रोए सुशील कुमार, बोले- सिर्फ डर पैदा करना था मकसद
अदालत के आदेश की प्रतिक्षा करना चाहता है गृह मंत्रालय दो बार के ओलिंपिक मेडलिस्‍ट सुशील को 2011 में पद्म अवॉर्ड से सम्‍मानित किया गया था. खबर के अनुसार गृह मंत्रालय को इस मामले से अवगत करा दिया गया है और सही समय पर वह उचित निर्णय लेगा. पूर्व गृह सचिव एन गोपालस्‍वामी के अनुसार गृह मंत्रालय सुशील कुमार के अवॉर्ड पर समीक्षा पर चर्चा करने में सक्षम था, वह राष्‍ट्रपति को सिफारिश करने से पहले अदालत के आदेश की प्रतिक्षा करना पसंद कर सकता है. उन्‍होंने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद राष्‍ट्रपति अवॉर्ड को रद्द कर सकते हैं और यदि संबंधित खिलाड़ी बाद में बरी होता है तो अवॉर्ड रद्द करने के आदेश वापस भी लिए जा सकते हैं.





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