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कब्ज की समस्या है पुरानी? आपका पेट दे रहा है ये संकेत

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Chronic Constipation: What Your Gut Is Trying to Tell You: आज कल की फास्ट लाइफ में पुरानी कब्ज (Chronic constipation) की समस्या होना आम बात है. कई लोग गलत खानपान, स्ट्रेस और योग अभ्यास न करने के कारण इस समस्या से जूझ रहे हैं. लाइफस्टाइल में आप बेहद छोटे लेकिन सकारात्मक बदलाव कर अपने पाचन को सुधार सकते हैं. इसके अलावा मेडिकेशन भी इस समस्या से निजात दिला सकता है. हेल्थ वेबसाइट हेल्थलाइन पर छपी रिपोर्ट के अनुसार, आइए जानते हैं, अगर आप पुरानी कब्ज की समस्या से जूझ रहे हैं तो आपका पेट आपको क्या बताने की कोशिश कर रहा है… लाइफस्टाइल हो सकती है जिम्मेदार: पुरानी कब्ज के लिए आपकी बिगड़ी हुई जीवनशैली भी जिम्मेदार हो सकती है. खाने में हेवी मीट, प्रोसेस फूड (हाई मात्रा में शुगर और फैट वाले), कम फाइबर युक्त भोजन लेने से ये समस्या हो सकती है. इसके अलावा बहुत कम पानी पीने, अल्कोहल या कैफीन के सेवन और एक्सरसाइज न करने से कब्ज की समस्या काफी बढ़ सकती है. लेकिन अगर आपकी लाइफस्टाइल सही है और फिर भी आपको कब्ज की समस्या हो रही है तो आपको डॉक्टर से बातचीत करने और परामर्श लेने की जरूरत है. आपको ये गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं. यह भी पढ़ें: पीरियड ब्लड का कलर बताता है आपकी सेहत का हाल, चार्ट से जानेंहाइपोथायरायडिज्म: बॉडी में जब थायराइड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बना पाती है तो इससे मेटाबॉलिज्म पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है. जिस कारण पाचन प्रक्रिया भी प्रभावित होती है और यह कब्ज का कारण बनता है. हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण धीरे-धीरे सामने आती हैं. कब्ज के अलावा हाइपोथायरायडिज्म के अन्य लक्षण हैं- थकान, ठण्ड के प्रति अधिक सेंसेटिव होना, रूखी त्वचा, बढ़ा हुआ वजन, बालों का पतला होना, नाखूनों का टूटना, याददाश्त प्रभावित होना, फूला हुआ चेहरा और अगर आप महिला हैं तो आपको अनियमित पीरियड्स की समस्या भी हो सकती है.
डायबिटीज: डायबिटीज के दौरान बॉडी में इन्सुलिन हार्मोन बनना बंद हो जाता है जिससे कि बॉडी में कई बदलाव आते हैं. इनमें से एक है नर्व का डैमेज होना यानी कि तंत्रिका का नष्ट होना. इससे पाचन नाल प्रभावित होती है और कब्ज की समस्या हो सकती है. कब्ज के आलावा डायबिटीज के रोगियों में थकान, वजन कम होना, धुंधला दिखाई देना और हमेशा प्यास महसूस होना, रात के समय कई बार पेशाब जाना जैसी समस्याएं शामिल हैं. इरीटेबल बाउल सिंड्रोम: इरीटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) भी कब्ज का कारण हो सकता है. इरीटेबल बाउल सिंड्रोम का अभी तक कोई सही कारण नहीं समझ में आ सका है, लेकिन यह आपके मस्तिष्क और आंत के सामंजस्य बिठाने में विफलता के कारण होता है. इसके अन्य लक्षण है- पेट दर्द और ऐंठन, ब्लोटिंग, बहुत ज्यादा पेट फूलना, कभी कभी अचानक से डायरिया होना, म्यूकस आना. चिंता और डिप्रेशन: जब आप बहुत स्ट्रेस लेते हैं आपकी बॉडी बहुत अलग तरीके से काम करती है. इस दौरान आपका सहानुभूतिपूर्ण नर्वस सिस्टम एक्टिव हो जाता है जिसका मतलब है कि डाइजेशन रुक जाता है. डिप्रेशन भी कब्ज का एक कारण हो सकता है. डिप्रेशन में कई बार सुसाइडल विचार, नाउम्मीदी,थकान के कारण लोग पूरे-पूरे दिन बिस्तर में पड़े रहते हैं जिस कारण से उनका पाचन प्रभावित होता है और शारीरिक गतिविधियां रुक जाती हैं जोकि कब्ज का कारन बनती हैं.





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