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‘मोना डार्लिंग’ के नाम से पहचानी गई Bindu ने 11 की उम्र में शुरू कर दी थी मॉडलिंग

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फिल्म ‘दो रास्ते’ के बाद बिंदू ने नकारात्मक किरदार निभाना शुरू कर दिया था. (फोटो साभारः Video Grab YouTube)

8 भाई-बहनों में सबसे बड़ी बिंदू (Bindu) को अपने पिता की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी. जब बिंदू ने मॉडलिंग शुरू की, तब वह सिर्फ 11 साल की थी. उन्होंने लोगों की प्रतिक्रिया के बारे में सोचे बिना नकारात्मक भूमिकाएं निभाकर इंडस्ट्री में खुद का मुकाम बनाया.

मुंबई. गुजरे जमाने की एक्ट्रेस बिंदू (Bindu) को उनके दमदार निगेटिव रोल के लिए जाना जाता है.

फिल्म ‘जंजीर’ में बिंदु ने ‘मोना’ का किरदार इतनी दमदारी से निभाया की उन्हें आज भी याद किया जाता है. इस फिल्म में उस दौर के एक्टर अजीत ने डॉन का रोल किया था. इस फिल्म में अजीत बिंदु के कैरेक्टर को ‘मोना डार्लिंग’ के नाम से ही बुलाते हैं.

70 के दशक में बोल्ड और खूबसूरत, बिंदू का क्रेज था. जिस समय अच्छे परिवार की लड़कियों के लिए अभिनय में उतरना अनुचित माना जाता था, उस समय उन्होंने अपने बोल्ड और नेगेटिव किरदारों से अपना नाम बनाया. बॉलीवुड की ‘मोना डार्लिंग’ ने लोगों की प्रतिक्रिया के बारे में सोचे बिना नकारात्मक भूमिकाएं निभाकर इंडस्ट्री में खुद का मुकाम बनाया.

प्रसिद्ध फिल्म प्रोड्यूसर नानूभाई देसाई और थिएटर एक्ट्रेस ज्योत्सना की बेटी बिंदु नानूभाई देसाई का जन्म गुजरात में हुआ. बिंदु हमेशा ग्लैमर की दुनिया से मोहित थी और एक कलाकार बनना चाहती थी. वे वैजयंतीमाला की बहुत बड़ी फैन थी. बिंदू ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1962 की फिल्म ‘अनपढ़’ से की थी. इसके बाद उन्होंने ‘इत्तेफाक’ और ‘दो रास्ते’ में अभिनय किया. दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट रहीं और उन्हें दोनों फिल्मों के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए अपना पहला नामांकन मिला. हालांकि वह एक एक्ट्रेस बनना चाहती थीं लेकिन फिल्म ‘दो रास्ते’ के बाद बिंदू ने नकारात्मक किरदार निभाना शुरू कर दिया.हालांकि बिंदू हमेशा एक कलाकार बनना चाहती थी, लेकिन उनके पिता चाहते थे कि वह एक डॉक्टर बने. वह स्कूल के नाटकों में हिस्सा लेती थीं. उनके दोस्तों ने सुझाव दिया था कि उसे फिल्मों में अपनी किस्मत आजमानी चाहिए लेकिन उसके पिता को यह कभी पसंद नहीं आया. लेकिन जब उनके पिता बीमार पड़ गए तो उनके ऊपर पूरे परिवार का खर्च चलाने की जिम्मेदारी आ गई. 8 भाई-बहनों में सबसे बड़ी होने के कारण, उसे अपने पिता की मृत्यु के बाद अपने परिवार की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी. जब बिंदू ने मॉडलिंग में कदम रखा था, तब वह सिर्फ 11 साल की थी, लेकिन वह 16 साल की लग रही थी क्योंकि उनका मेकअप ऐसा किया गया और कास्ट्यूम इस तरह से बनाया गया था. फिल्म ‘अनपढ़’ में माला सिंह की बेटी की भूमिका निभाने के बाद, बिंदू ने अपनी स्कूली शिक्षा जारी रखी थी.

सिनेप्लॉट को दिए एक इंटरव्यू में बिंदू ने कहा था, ‘मेरे पिता ने बहुत सारे कर्ज छोड़े थे और मुझे उन सभी को चुकाना था. इस तरह मैंने मॉडलिंग शुरू की और आखिरकार फिल्मों में एंट्री की. मैंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्में कीं, जिन्हें भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीति के तहत विदेश भेजा गया था.’









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