September 22, 2021

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Bollywood Actor Kader Khan came to India from Afghanistan lived in the dirtiest slum of Kamathipura this is how his film journey started – अफगानिस्तान से भारत आए थे कादर खान, कमाठीपुरा के सबसे गंदे स्लम में किया गुज़ारा, ऐसे शुरू हुआ फिल्मी सफ़र

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बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता कादर खान का बचपन बेहद की मुश्किलों में बीता। उनके माता-पिता काबुल, अफगानिस्तान के रहने वाले थे। लेकिन जब कादर खान का जन्म हुआ तब उनके माता-पिता उन्हें लेकर भारत आ गए। कादर खान और उनका परिवार मुंबई के कमाठीपुरा में आकर रुका जहां उन्होंने मुंबई की सबसे गंदी बस्ती में किराए पर उन्हें दो छोटे कमरे मिले।

भारत आने की कहानी दिलचस्प- कादर खान ने भारत आने की अपनी कहानी, ‘सहारा समय’ को दिए एक इंटरव्यू में बताई थी। उनसे पहले उनके जितने भी भाई बहन हुए काबुल में, सब मर जाते थे। कादर खान की मां को लगता था कि काबुल की हवा उनके बच्चों के लिए सही नहीं है, इसलिए बच्चे मर जा रहे हैं। जब कादर खान पैदा हुए तो काबुल छोड़ कई महीनों पैदल चलकर उनका परिवार मुंबई आ गया।

कमाठीपुरा की गंदगी में गुजारा बचपन- कादर खान ने बताया था कि जहां वो रहते थे, वहां प्रॉस्टिट्यूशन होता था, अपराध का बोलबाला था। उन्होंने बताया था, ‘मुंबई आने के बाद यहां का जो सबसे गंदा स्लम है, कमाठीपुरा पहली गाली… आज जिसे लोग धारावी बोलते हैं, जो लोग कमाठीपुरा को जानते हैं, वो जानते हैं कि उससे गंदा स्लम पूरे विश्व में नहीं है। हम वहां एक बिल्डिंग में ठहरे। थर्ड फ्लोर पर हमें दो छोटे कमरे मिल गए।’

उन्होंने आगे बताया था, ‘इस तरफ प्रॉस्टिट्यूशन, उस तरफ प्रॉस्टिट्यूशन, यहां शराब बनती है, सामने कत्ल होते हैं, दुनिया की कौन सी बुराई थी जो वहां नहीं थी। मैं वहां बड़ा हुआ।’

 

छोड़ गए पिता- कादर खान का परिवार इतना गरीब था कि उन्हें कई कई दिनों तक भूखा रहना पड़ता था। पिता काम करते थे लेकिन उतने पैसे नहीं मिल पाते थे जिससे खाने पीने का इंतजाम हो। तंग आकर उन्होंने कादर खान की मां को छोड़ दिया था। वैसे इलाके में अकेले रहना मुश्किल था इसलिए रिश्तेदारों के दबाव में कादर खान की मां ने दूसरी शादी कर ली। कादर खान के दूसरे पिता काम नहीं करते थे इसलिए घर की हालत और खराब हो गई।

ऐसे शुरू हुआ अभिनय का सफ़र कादर खान 8 साल के थे और शांति की तलाश में हर रोज कब्रिस्तान में जाकर घंटों बैठते थे। उन्हीं दिनों अभिनेता अशरफ खान अपने नाटक के लिए एक छोटे बच्चे को ढूंढ रहे थे जो पढ़ा लिखा भी हो। कादर खान के बारे में जब उन्हें पता चला कि पढ़ने-लिखने वाला संजीदा लड़का है तो वो उनके पीछे कब्रिस्तान तक गए और उनसे पूछा कि क्या वो एक्टिंग करेंगे। कादर खान ने हां कर दिया और वहीं से उनके अभिनय करियर की शुरुआत हो गई। 1973 में आई फिल्म ‘दाग’ से उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया था।



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