September 22, 2021

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Kareena Kapoor was battling physical changes and mental stress in her second pregnancy shared her difficulties in interview – दूसरी प्रेग्नेंसी में शारीरिक बदलाव और मेंटल स्ट्रेस से जूझ रही थीं करीना कपूर, किये ये खुलासे

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Kareena Kapoor Pregnancy: बॉलीवुड की बेहतरीन अदाकाराओं में से एक करीना कपूर खान दो बच्चों की मां भी हैं। कुछ समय पहले ही उन्होंने दूसरे बेटे जेह को जन्म दिया है। उसके बाद से ही वो किसी न किसी वजह से चर्चा में रही हैं। इस बीच उनकी पहली किताब प्रेग्नेंसी बाइबल की लॉन्च ने भी उन्हें फेमस कर दिया है। बता दें कि अपनी इस किताब को करीना ने इंस्टा पोस्ट में अपना तीसरा बच्चा माना था क्योंकि उन्हें वैसी ही घबराहट और उत्साह महसूस हो रहा था।

हाल में ही करीना ने अपनी प्रेग्नेंसी से जुड़ी बातों को इंस्टाग्राम लाइव सेशन में अपने चहेते दोस्त और डाइरेक्टर करण जौहर के सामने बताया। इस इंटरैक्शन के दौरान करीना ने गर्भावस्था के बीच हुए शारीरिक बदलाव और मानसिक तनाव का भी जिक्र किया। आइए जानते हैं विस्तार से –

खुद पर से उठ गया था भरोसा: करीना ने बताया कि दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें कई कमजोर और मुश्किलों पलों से गुजरना पड़ा। उन्हें इस बात पर शक होने लगा था कि वो कभी सामान्य हो पाएंगी भी या नहीं। उन्होंने कहा कि कई बार अस्पताल से आने के बाद जब वो आईने के सामने खुद को देखा करती थीं तो सोचती थीं कि उन्हें नहीं पता है कि वो कब ओके हो पाएंगी।

सोचती थीं कि ब्रेस्ट फीडिंग नहीं कर पाएंगी: ये बॉलीवुड एक्ट्रेस बताती हैं कि उन्हें डर था कि वो अपने बेटे को स्तनपान करा पाएंगी या नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि जेह के जन्म के बाद उन्हें ज्यादा दूध नहीं बन पा रहा था। साथ ही, वो कहती हैं कि उनका शरीर स्ट्रेच हो गया था और उन्हें महसूस हो रहा था कि उनके पैर 100 किलो के हो गए हैं। गुड न्यूज फेम करीना कपूर ने कहा कि डिलीवरी के बाद का कुछ समय महिलाएं अकेले में गुजारती हैं जिसमें उनका सामना अपने डर और डाउट्स से होता है।

पोस्ट डिलीवरी का समय होता है नाजुक: डिलीवरी के 15 से 20 दिनों तक महिलाओं को बहुत प्रेशर झेलना पड़ता है। ऐसे में बाथरूम में जब आप अकेले होते हैं और खुद को देखते हैं तो सोचते हैं कि चीजें कब सामान्य होंगी। लेकिन समय के साथ और प्यार व सहारे से उन्हें बेहतर महसूस होने लगा। इसी वजह से डिलीवरी के बाद लोगों को शिशु के साथ ही नई मां का भी ख्याल रखना चाहिए।



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