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Tag: Network 18 Sahitya

Lifestyle

विमल चंद्र पाण्डेय की कहनी ‘पर्स’

[ad_1] विमल चंद्र पाण्डेय (Vimal Chandra Pandey) समाज के विमर्श के दायरे से छूट गए विषयों को अपनी कहानियों का केंद्र बनाते हैं. विमल अपनी कहानियों के माध्यम से पाठकों से सीधा संवाद करते नजर

Lifestyle

आते हैं ग़ैब से ये मज़ामीं ख़याल में…!

[ad_1] यूं तो दुनिया को अहद-ए-हाज़िर में सैकड़ों मसाइल दरपेश हैं. ग्लोबल वॉर्मिंग, मसला-ए-पोपूलेशन और मसला-ए-आब-ओ-हवा तो बहरहाल फ़ेहरिस्त में हैं ही. एटमी और मसाइल-ए-जंगो जदल भी अहमियत के हामिल हैं. लेकिन फ़िलवक़्त उस अज़ीम

Lifestyle

कलिंगा लिटरेचर फेस्टिवल भाव संवाद में जुटे मैथिली और गुजराती भाषा के साहित्यकार

[ad_1] स्थानीय भाषाओं में साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कलिंगा लिटरेचर फेस्टिवल ने गुजराती (Gujarati literature) और मैथिली साहित्य पर (Maithili literature) भाव संवाद (Bhava Samvad) का आयोजन किया. वर्चुअल माध्यम से हुए

Lifestyle

झूलों में पेंगे बढ़ाते, मैंने आकाश छुआ बहुत बार

[ad_1] पेशे से वकील चित्रा देसाई (Chitra Desai) जितनी मुस्तैदी से अपने मुवक्किल के पक्ष में कानून के पेचीदगियों को रखती हैं उतनी ही कुशलता से वे भावना, संवेदना और संवाद को शब्दों में पिरोने

Lifestyle

व्यंग्य: लॉकडाउन की मारी भारतीय नारी का भगवान के नाम पत्र

[ad_1] अर्चना चतुर्वेदी (Archana Chaturvedi) की गिनती हिन्दी के जाने-माने व्यंग्यकारों में होती है. एक महिला और खासकर घरेलू महिला दिनभर किन-किन घटनाओं से होकर गुजरती है, उन्हें शब्द देने और इन घटनाओं को व्यंग्य

Lifestyle

सुधांशु गुप्त की कहानी ‘मार्च में जून जैसी बात’

[ad_1] कथाकार और पत्रकार सुधांशु गुप्त (Sudhanshu Gupta) की कहानियां हमारे सामने एक ऐसी दुनिया लाती हैं, जो सामने होते हुए भी हम अनदेखा कर जाते हैं. अक्सर ऐसा देखा गया है कि उनकी कहानी