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वर्ल्ड बैंक का ऐलान! MSME सेक्टर की मदद के लिए भारत को देगा 50 करोड़ डॉलर

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वर्ल्ड बैंक का ऐलान! MSME सेक्टर की मदद के लिए भारत को देगा 50 करोड़ डॉलर
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World Bank ने अनुमान जताया है कि तमाम चुनौतियों के बाद भी भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था अच्‍छा प्रदर्शन करेगी.

यह पहली बार नहीं है कि वर्ल्ड बैंक (World Bank) ने मदद का हाथ बढ़ाया है इससे पहले जुलाई 2020 में भी 750 मिलियन डॉलर की वित्तीय मदद की थी. RAMP कार्यक्रम के पहले चरण में MSMEs सेक्टर में कैश फ्लो बढ़ाने और कर्ज आवश्यकताओं को पूरा करने पर ध्यान दिया जाएगा.

नई दिल्ली. विश्व बैंक (World Bank) ने भारत में कोरोना संकट के बीच एक बड़ा ऐलान करते हुए 500 मिलियन की मदद करने का ऐलान किया है. इस राशि का इस्तेमाल माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (MSME) क्षेत्र को हुए नुकसान से उबारने के लिए के लिए किया जाएगा. यह पहली बार नहीं है कि वर्ल्ड बैंक ने मदद का हाथ बढ़ाया है इससे पहले जुलाई 2020 में भी 750 मिलियन डॉलर की वित्तीय मदद की थी.  RAMP कार्यक्रम के पहले चरण में MSMEs सेक्टर में कैश फ्लो बढ़ाने और ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने पर ध्यान दिया जाएगा. इसके अलावा आर्थिक सुधार के लिए MSME उत्पादकता और वित्तपोषण बढ़ाने में विश्व बैंक भारत सरकार के प्रयासों का समर्थन करेगा. मध्यम अवधि में निजी क्षेत्र के वित्तपोषण में लंबे समय से चल रही वित्तीय समस्याओं को निपटाया जाएगा.दूसरी सरकार की रेजिलिएशन एंड रिकवरी प्रोग्राम (MCRRP) के तहत 3.4 बिलियन डॉलर MSME उद्योग के लिए 15.5 बिलियन डॉलर का वित्तपोषण जुटाने की कोशिश की जा रही है. 

विश्व बैंक के कंट्री डायरेक्टर ने क्या कहा

भारत में विश्व बैंक के कंट्री डायरेक्टर जुनैद अहमद ने कहा, “एमएसएमई सेक्टर, भारत की अर्थव्यवस्था की एक महत्वपूर्ण रीढ़ है, जो कोविड -19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुआ है.” “RAMP कार्यक्रम एमएसएमई क्षेत्र में दीर्घकालिक उत्पादकता-संचालित विकास और बहुत जरूरी नौकरियों के सृजन की नींव रखते हुए, पूर्व-संकट उत्पादन और रोजगार के स्तर पर लौटने के लिए फर्मों का समर्थन करने के प्रयासों को तेज करेगा. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों के अलावा यह कार्यक्रम प्रस्तावित राज्यों जिसमें पंजाब, तमिलनाडू, राजस्था, गुजरात और महाराष्ट्र में लागू किया जाएगा. इसके अलावा दूसरे राज्यों को भी आगे इसमें शामिल किया जाएगा.

सरकार ने बढ़ाई ECLGS स्कीम की तारिख

मालूम हो भारत सरकार ने  30 मई को अपनी 3 लाख करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) को तीन महीने बढ़ाने का एलान किया था. इस स्कीम को 30 जून 2021 से बढ़ाकर 30 सितंबर 2021 कर दिया गया था या जब तक 3 लाख करोड़ रुपये की राशि जारी होती है. 

आरबीआई ने भी 50 करोड़ करोड़ की है लोन री-स्ट्रक्चरिंग

इससे पहले आरबीआई ने भी शुक्रवार को संकट के दौर से गुजर रहे एमएसएमई के लिए लोन री-स्ट्रक्चरिंग की सीमा 25 करोड़ रुपये से बढ़ा कर 50 करोड़ रुपये कर दी थी. आरबीआई का कहना था कि  एमएसएमई और गैर एमएसएमई छोटे कारोबार और बिजनेस के लिए लोन वाले इंडिविजुअल कस्टमर को इससे राहत मिलेगी.

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