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Yoga Session: बढ़ते बच्चों के लिए बेस्ट है ये एक्सरसाइज, बढ़ती है लंबाई

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Yoga Session: आज के योग सेशन में सूर्य नमस्कार करने का तरीका बताया और सिखाया गया. इसके अलावा भी इंजन दौड़ सहित कई सूक्ष्म व्यायाम सिखाए गए. सूर्य नमस्कार कई ऐसे आसनों का सेट है जिसमें पूरी बॉडी की कसरत हो जाती है. बड़ों के लिए सूर्य नमस्कार फायदेमंद है लेकिन बढ़ते बच्चों के लिए भी इसके कई फायदे हैं. सूर्य नमस्कार करने से बच्चों की लंबाई बढ़ती है. कोरोना काल में जब बच्चों की एक्टिविटी कम हो गई है और वो कहीं जा भी नहीं पा रहे हैं ऐसे में आप उन्हें सूर्य नमस्कार की प्रैक्टिस करवा सकते हैं. सूर्य नमस्कार उन्हें फूर्ती देगा और पुष्ट बनाएगा.

सूर्य नमस्कार (Surya Namaskār ) : सूर्य नमस्कार आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है. आइए जानते हैं सूर्य नमस्कार करने की सटीक तकनीक…

प्रणाम आसन: इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पंजे जोड़कर अपने आसन मैट के किनारे पर खड़े हो जाएं. फिर दोनों हाथों को कंधे के समान्तर उठाएं और पूरा वजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें. दोनों हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाए रहें और नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं.

हस्त उत्तानासन: इस आसन को करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं.

पादहस्तासन: इस आसन में बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे की ओर झुकें. अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूएं.

अश्व संचालन आसन: इस आसन में अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें. गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी स्थिती में रहें.

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संतुलन आसन: संतुलन आसन के लिए घुटनों के बल बैठ जाएं और हथेलियों को कंधों के नीचे जमीन पर रखें. अब नितंबों को ऊपर उठाते हुए घुटनों को सीधा कर लें. भुजाएं सीधी रहेंगी और आंखों को सामने किसी एक बिंदु पर केन्द्रित करें. सूर्य नमस्कार करने से स्ट्रेस दूर होता है, बॉडी डिटॉक्स होती है और मोटापा घटता है.

भुजंग आसन: इस आसन को करते वक्त धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं. हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें.

पर्वत आसन: इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.

अष्टांग नमस्कार: इस आसन को करते वक्त अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएं और सांस छोड़ें. अपने कूल्हों को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें.

सूर्य नमस्कार के फायदे:

सूर्य नमस्कार करने से स्ट्रेस दूर होता है, बॉडी डिटॉक्स होती है और मोटापा घटता है. जिन महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या है यह उनके लिए काफी लाभकारी होता है. रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है.

कपालभारती: कपालभाति प्राणायाम करने के लिए रीढ़ को सीधा रखते हुए किसी भी ध्यानात्मक आसन, सुखासन या फिर कुर्सी पर बैठें. इसके बाद तेजी से नाक के दोनों छिद्रों से सांस को यथासंभव बाहर फेंकें. साथ ही पेट को भी यथासंभव अंदर की ओर संकुचित करें. इसके तुरंत बाद नाक के दोनों छिद्रों से सांस को अंदर खीचतें हैं और पेट को यथासम्भव बाहर आने देते हैं. कपालभारती के फायदेब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है: सांस संबंधी बीमारियों को दूर करमे में मदद मिलती है. विशेष रूप से अस्थमा के पेशेंट्स को खास लाभ होता है. महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी है. अगर हर्निया, हाई बीपी या कोविड से रिकवर हुए हैं तो ये आसन ना करें.

अनुलोम विलोम: सुखासन में बैठें. इसके बाद दाएं अंगूठे से अपनी दाहिनी नासिका पकड़ें और बाई नासिका से सांस अंदर लें लीजिए. अब अनामिका उंगली से बाई नासिका को बंद कर दें. इसके बाद दाहिनी नासिका खोलें और सांस बाहर छोड़ दें. अब दाहिने नासिका से ही सांस अंदर लें और उसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाई नासिका से सांस बाहर छोड़ दें.



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